आजकल लोग अपनी सेहत को लेकर पहले से कहीं ज्यादा जागरूक हो गए हैं। फोन में पहले से मौजूद हेल्थ ऐप्स रोजाना के कदम, नींद, हृदय गति और व्यायाम जैसे आंकड़ों को एक जगह जमा कर देते हैं। स्मार्टवॉच या फिटनेस बैंड के बिना भी फोन बेसिक एक्टिविटी ट्रैक कर सकता है। गूगल, सैमसंग और एपल तीनों प्लेटफॉर्म अलग-अलग तरीके से इस डेटा को समझने और प्रबंधित करने की सुविधा देते हैं।
गूगल हेल्थ ऐप की खासियत
गूगल हेल्थ का सबसे बड़ा आकर्षण इसका एआई आधारित कोच है। सामान्य ऐप्स सिर्फ आंकड़े दिखाते हैं, लेकिन इस कोच से आप सामान्य भाषा में बात करके वर्कआउट प्लान, व्यायाम सुझाव और लक्ष्य हासिल करने के तरीके पूछ सकते हैं। अगर डॉक्टर या अस्पताल डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड सपोर्ट करता है तो उसे ऐप में जोड़ा जा सकता है। कनेक्शन विकल्प से हेल्थ सर्विस प्रोवाइडर खोजकर रिपोर्ट एक जगह देखना आसान हो जाता है। कुछ एआई फीचर के लिए मेंबरशिप लग सकती है और सुविधाएं डिवाइस या क्षेत्र के अनुसार बदल सकती हैं। ऐप प्ले स्टोर और ऐप स्टोर दोनों पर उपलब्ध है।
सैमसंग हेल्थ ऐप का अनुभव
सैमसंग हेल्थ खासकर गैलेक्सी फोन और गैलेक्सी वॉच यूजर्स के लिए बना है। इसमें कदम, व्यायाम, नींद और हृदय गति ट्रैक होती है। वॉच जोड़ने पर एनर्जी स्कोर मिलता है जो नींद और एक्टिविटी के आधार पर रोज की स्थिति बताता है। पहली बार इस्तेमाल करने वालों को विकल्प ज्यादा होने से ऐप थोड़ा जटिल लग सकता है। उपलब्ध क्षेत्रों में हेल्थकेयर प्रोवाइडर सपोर्ट करने पर मेडिकल रिकॉर्ड भी जोड़े जा सकते हैं। होम टैब में स्क्रॉल करके हेल्थ रिकॉर्ड विकल्प चुनकर निर्देशों का पालन करना होता है। यह सुविधा हर देश या सेवा प्रदाता में उपलब्ध नहीं होती।
एपल हेल्थ ऐप की ताकत
एपल हेल्थ आईफोन और आईपैड में पहले से मौजूद रहता है। एपल वॉच जोड़ने पर कदम, हृदय गति, नींद और अन्य गतिविधियां एक जगह आ जाती हैं। आईफोन खुद भी बेसिक स्टेप काउंट रिकॉर्ड करता है। इसकी सबसे बड़ी सुविधा थर्ड-पार्टी ऐप्स और कंपैटिबल डिवाइस का डेटा जोड़ने की है। ब्लड प्रेशर मॉनिटर, स्मार्ट स्केल, थर्मामीटर या नींद ट्रैकर जैसे गैजेट से रीडिंग सीधे सेव हो सकती है। इससे हर डिवाइस के लिए अलग ऐप खोलने की जरूरत कम हो जाती है।
ट्रेंड्स, हाइलाइट्स और मेडिकल आईडी
सिर्फ रोजाना का डेटा देखने से काम नहीं चलता। लंबे समय में बदलाव समझना जरूरी है। एपल हेल्थ के ट्रेंड्स कदम या अन्य गतिविधियों में आए बदलाव दिखाते हैं, जबकि हाइलाइट्स हाल की गतिविधियों का सारांश देते हैं। इससे गतिविधि बढ़ रही है या घट रही है, यह साफ पता चलता है। मेडिकल आईडी भी बेहद उपयोगी है। एलर्जी, दवाइयां और आपातकालीन संपर्क सेव किए जा सकते हैं। आईफोन में प्रोफाइल पर टैप करके मेडिकल आईडी चुनें और लॉक स्क्रीन पर भी दिखने की अनुमति दें। सैमसंग में सेटिंग्स से सेफ्टी ऐंड इमरजेंसी विकल्प के जरिए यही जानकारी जोड़ी जाती है।
गोपनीयता और सही इस्तेमाल के टिप्स
हेल्थ ऐप में निजी जानकारी होती है। किसी थर्ड-पार्टी ऐप को डेटा एक्सेस देने से पहले उसकी गोपनीयता नीति जरूर पढ़ें। सिर्फ जरूरी अनुमति दें। फोन को पर्सनल हेल्थ डैशबोर्ड बनाने के लिए पहले स्टेप्स, नींद, हृदय गति और वजन जैसे मेट्रिक्स सेट करें। फिर स्मार्टवॉच, बैंड या रिंग कनेक्ट करें। मेडिकल रिकॉर्ड और मेडिकल आईडी जोड़ें। समय-समय पर ट्रेंड्स देखकर अपनी दिनचर्या में सुधार लाएं।
ये भी पढ़ें:- Poco X8 5G ग्लोबल लॉन्च, 8340mAh बैटरी और 1.5K AMOLED डिस्प्ले के साथ
निष्कर्ष: गूगल, एपल और सैमसंग के हेल्थ ऐप्स फोन को आसान और प्रभावी स्वास्थ्य ट्रैकर बना देते हैं। सही सेटअप और गोपनीयता का ध्यान रखकर रोजाना की सेहत को बेहतर तरीके से समझा और प्रबंधित किया जा सकता है।