भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 4 जुलाई 2026 को दक्षिण-पश्चिम मॉनसून पूरे देश में सक्रिय है। दिल्ली में मॉनसून पहले ही पहुंच चुका है और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी चल रही है। मध्य भारत, पश्चिमी तट और पूर्वी राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जिससे जलभराव और फसलों पर असर की आशंका है।
दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत में मौसम
दिल्ली में आज आसमान में बादल छाए रहेंगे। हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चलने की संभावना है। अधिकतम तापमान 34-36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26-28 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। मॉनसून की देरी के बाद आई बारिश ने गर्मी से राहत दी है, लेकिन जलभराव से यातायात प्रभावित हो सकता है। हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी मॉनसून की बारिश जारी है।
मध्य और पश्चिम भारत में उग्र मॉनसून
गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश के साथ 50-60 किमी प्रति घंटे की हवाएं चल सकती हैं। मुंबई और आसपास के इलाकों में लगातार बारिश से जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। किसानों को खरीफ फसलों की देखभाल करने की सलाह दी गई है। IMD ने इन राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
पूर्वी और दक्षिण भारत का हाल
ओडिशा, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश और गरज-चमक वाले बादलों की गतिविधि बढ़ी हुई है। ओडिशा में कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट है। केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भी मॉनसून की अच्छी बारिश हो रही है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।
जुलाई 2026 में समग्र मौसम पूर्वानुमान
IMD के मासिक पूर्वानुमान के मुताबिक जुलाई में देशभर में औसत से कम बारिश होने की संभावना है, लेकिन उत्तर-पश्चिम और पूर्वी हिस्सों में सामान्य से ज्यादा वर्षा हो सकती है। तापमान कई जगहों पर सामान्य से ऊपर रहने वाला है। किसानों को सतर्क रहने और मौसम अपडेट चेक करते रहने की सलाह है।
निष्कर्ष: 4 जुलाई 2026 को मॉनसून की बारिश कई राज्यों में राहत और चुनौतियां दोनों लेकर आई है। यात्रा करते समय सावधानी बरतें, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। IMD के आधिकारिक अपडेट पर नजर रखें।