आईपीएल मिनी ऑक्शन की तैयारियां जोरों पर हैं और इस बार एक नाम सबकी जुबान पर चढ़ा हुआ है। ऑस्ट्रेलियाई स्टार ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन पर फ्रैंचाइजियों की नजरें टिकी हुई हैं। दो बड़ी टीमें चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स इस खिलाड़ी को पाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने को तैयार दिख रही हैं।
ग्रीन की बेस प्राइस दो करोड़ रुपये रखी गई है, लेकिन उनकी क्षमता को देखते हुए बोली आसानी से 20 करोड़ के पार जा सकती है। ऑलराउंडर की कमी महसूस कर रही टीमें उन्हें अपने स्क्वाड में शामिल करने के लिए आक्रामक रुख अपना सकती हैं।
कैमरन ग्रीन क्यों हैं सबसे बड़े टारगेट
कैमरन ग्रीन आधुनिक टी20 क्रिकेट के सबसे पूरे पैकेज वाले खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। बल्लेबाजी में पावर और गेंदबाजी में पेस का मिश्रण उन्हें खास बनाता है। पिछले सीजनों में उन्होंने मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी स्ट्राइक रेट और डेथ ओवर में गेंदबाजी की क्षमता फ्रैंचाइजियों को आकर्षित कर रही है।
टीमें मानती हैं कि एक खिलाड़ी में बल्ले और गेंद दोनों का असर मिलना दुर्लभ है। ग्रीन ठीक वैसा ही विकल्प हैं। ऑक्शन से पहले के विश्लेषण में उनका नाम सबसे ऊपर आ रहा है।
CSK और KKR क्यों हैं सबसे आगे
कोलकाता नाइट राइडर्स के पास सबसे बड़ा पर्स है। वे एंड्रे रसेल जैसी भूमिका भरने के लिए ग्रीन को सबसे उपयुक्त मान रहे हैं। मिडिल ऑर्डर को मजबूत करने और पेस विकल्प बढ़ाने के लिए वे भारी बोली लगा सकते हैं।
चेन्नई सुपर किंग्स भी पीछे नहीं हैं। टीम में ऑलराउंडर की कमी साफ दिख रही है। ग्रीन को पाने के लिए वे भी आक्रामक रुख अपना सकती हैं। दोनों टीमों के बीच बोली युद्ध छिड़ने की पूरी संभावना है।
अन्य टीमें भी नजर रखे हुए हैं
लखनऊ सुपर जायंट्स जैसी टीमें भी ग्रीन को ट्रैक कर रही हैं। लेकिन बजट और स्लॉट की कमी के कारण बड़े दावेदार CSK और KKR ही नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बोली 18 से 22 करोड़ के बीच पहुंच सकती है।
ग्रीन की उपलब्धता और फॉर्म को देखते हुए फ्रैंचाइजियां उन्हें लंबे समय के निवेश के रूप में देख रही हैं।
ऑक्शन से पहले की हलचल
मिनी ऑक्शन से कुछ दिन पहले ही ग्रीन का नाम हर चर्चा में छाया हुआ है। सोशल मीडिया पर फैंस अनुमान लगा रहे हैं कि कौन सी टीम उन्हें अपने पाले में करेगी। टीम मैनेजमेंट भी रणनीति बना रहे हैं कि कितनी ऊंचाई तक बोली ले जानी है।
पिछले अनुभव बताते हैं कि ऐसे स्टार खिलाड़ियों पर बोली अचानक बढ़ जाती है। ग्रीन भी उसी श्रेणी में आते हैं।