11 जून से शुरू हो रहे FIFA वर्ल्ड कप 2026 का भारत में सीधा प्रसारण Zee Entertainment करेगा। पर शुरुआत में ही एक बात साफ कर लेना ज़रूरी है — किसी मुफ्त मंच पर मैच दिखाए जाने की पुष्टि अब तक नहीं हुई।

कहां देखें। Zee ने चार नए स्पोर्ट्स चैनल उतारे हैं — हिंदी में Unite8 Sports 1 और Unite8 Sports 1 HD, और अंग्रेज़ी में Unite8 Sports 2 तथा Unite8 Sports 2 HD। डिजिटल दर्शकों के लिए मैच कंपनी की स्ट्रीमिंग सेवा ZEE5 पर उपलब्ध रहेंगे, और कवरेज 11 जून को टूर्नामेंट के पहले मुकाबले से शुरू होगी।

'मुफ्त' वाला पेच। जो व्यवस्था घोषित हुई है, उसमें Zee के पास भारत के लिए एक्सक्लूसिव प्रसारण और डिजिटल अधिकार हैं — यानी पेड टीवी चैनल और सब्सक्रिप्शन आधारित स्ट्रीमिंग। किसी सार्वजनिक या निशुल्क प्रसारक के ज़रिए मैच दिखाए जाने की कोई पुष्ट जानकारी अभी नहीं है। दर्शकों को सलाह यही है कि 'फ्री में देखें' जैसे दावों पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक पुष्टि का इंतज़ार करें।

सौदा आख़िरी वक्त का था। यह डील जितनी अहम है, उतनी ही नाटकीय भी रही। Zee ने अदालत को बताया कि उसने यह करार 1 जून को किया — यानी टूर्नामेंट शुरू होने से कुछ ही दिन पहले, जिससे भारत जैसे बड़े बाज़ार में संभावित ब्लैकआउट टल गया।

कीमत यहां असली कहानी है। FIFA ने शुरुआत में करीब 10 करोड़ डॉलर मांगे थे, फिर यह घटकर 6 करोड़ डॉलर पर आया — लगभग उतना ही जितना Viacom18 ने 2022 वर्ल्ड कप के लिए चुकाया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक Zee का करार आख़िरकार इससे कहीं कम, करीब 4 करोड़ डॉलर के आसपास तय हुआ। आपके स्रोत में जो ₹948.78 करोड़ और घटकर ₹569.27 करोड़ का आंकड़ा है, वह असल में FIFA की मांगी गई कीमतें थीं — असली सौदा उससे काफी नीचे बैठा।

दाम गिरे क्यों? दो वजहें साफ हैं। रिलायंस और डिज़्नी के विलय से बने JioStar के आने के बाद मीडिया अधिकारों के लिए प्रतिस्पर्धा घट गई, और उत्तरी अमेरिका तथा भारत के समय अंतर के चलते ज़्यादातर मैच यहां देर रात दिखेंगे, जिसने प्रसारकों की दिलचस्पी ठंडी कर दी। JioStar की आख़िरी पेशकश करीब 2 करोड़ डॉलर बताई गई, जिसके बाद वह दौड़ से हट गया।

बड़ी तस्वीर। यह Zee और FIFA के बीच पहला करार है, जिसके तहत 2026 से 2034 तक 39 FIFA टूर्नामेंट आते हैं — वर्ल्ड कप 2026 और 2030, तथा महिला वर्ल्ड कप 2027 समेत। CEO पुनीत गोयनका इसे फुटबॉल की दीर्घकालिक संभावना पर कंपनी के भरोसे के तौर पर पेश कर रहे हैं।

देर रात के मैच, सीमित प्रतिस्पर्धा और सब्सक्रिप्शन को लेकर भारतीय दर्शकों की हिचक — Zee के लिए असली परीक्षा यह होगी कि वह इन अधिकारों से कमाई कैसे निकालता है।