होर्मुज बंद होने से पहले ही भारत पहुंचे खाद से लदे 12 जहाज, टला खरीफ संकट
होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से पहले 10-12 उर्वरक से लदे जहाज भारत पहुंच गए। यूरिया, डीएपी और अमोनिया की आपूर्ति सुनिश्चित होने से खरीफ सीजन में खाद संकट टल गया और कीमतों में गिरावट की उम्मीद जगी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास फंसे उर्वरक से लदे जहाजों में से करीब 10 से 12 जहाज सफलतापूर्वक पार कर भारत की ओर बढ़ गए हैं। ईरान द्वारा मार्ग फिर बंद करने के दावे से ठीक पहले इन जहाजों ने रणनीतिक जलमार्ग पार किया, जिससे देश में खाद की आपूर्ति बढ़ने और कीमतों में कमी आने की उम्मीदें मजबूत हो गई हैं।
युद्ध की शुरुआत में फंसे 16 जहाज
28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर दिया गया था। इस दौरान भारत आने वाले कुल 16 जहाज फंस गए थे। इनमें 8 जहाज यूरिया से लदे, 4 डीएपी से, 1 अमोनिया से और 3 सल्फर से भरे थे। व्यापारियों के मुताबिक, इनमें से अधिकांश जहाज अब पार हो चुके हैं। एक उर्वरक आयातक ने पुष्टि की कि यूरिया, अमोनिया और डीएपी ले जाने वाले कई जहाज सुरक्षित निकल आए।
खरीफ बुवाई से पहले राहत
पश्चिम एशिया भारत के लिए उर्वरकों और कच्चे माल का प्रमुख स्रोत है। जून में शुरू हो रहे खरीफ सीजन से पहले इन इनपुट्स का समय पर पहुंचना किसानों के लिए बेहद जरूरी था। होर्मुज बंदी से पहले जहाजों के निकलने से खाद की कमी का खतरा कम हो गया है। इससे किसान समुदाय को बड़ी राहत मिली है।