नया फोन आते ही पुराना बेच देना अब आम है। दिक्कत यह है कि लोग जल्दबाज़ी में बस "रीसेट" का बटन दबाते हैं और मान लेते हैं कि काम ख़त्म। पुराने या बिना एन्क्रिप्शन वाले फोन में रीसेट के बाद भी डेटा कई बार वापस निकाला जा सकता है। और सही क्रम न अपनाएं तो दो नई मुसीबतें खड़ी होती हैं — या तो आपका अकाउंट फोन से जुड़ा रह जाता है, या नया मालिक डिवाइस ही इस्तेमाल नहीं कर पाता।
2. WhatsApp को अलग से संभालें। चैट बैकअप लें या नए फोन पर ट्रांसफर करें, फिर पुराने नंबर/डिवाइस से अकाउंट हटा दें। भारत में यही सबसे ज़्यादा नज़रअंदाज़ होने वाला कदम है।
3. सभी अकाउंट से लॉग आउट करें — यह सबसे अहम है। Android पर सेटिंग्स में जाकर अपना Google अकाउंट हटाएं। ऐसा न करने पर रीसेट के बाद "फैक्ट्री रीसेट प्रोटेक्शन" (FRP) चालू हो जाता है और नया यूज़र फोन सेटअप ही नहीं कर पाता। iPhone पर "Find My iPhone" बंद करें और Apple ID से साइन आउट करें, वरना Activation Lock लगा रह जाएगा। साथ ही बैंकिंग, ईमेल और सोशल मीडिया ऐप्स से भी मैन्युअली लॉग आउट करें।
4. फोन को एन्क्रिप्ट करें (ख़ासकर पुराने Android)। नए फोन डिफ़ॉल्ट रूप से एन्क्रिप्टेड होते हैं, पर पुराने में यह विकल्प सेटिंग्स में मिलता है। एन्क्रिप्शन ज़रूरी इसलिए है क्योंकि यही रीसेट के बाद बचे-खुचे डेटा को अपठनीय बना देता है। बिना एन्क्रिप्शन वाला रीसेट उतना सुरक्षित नहीं होता।
5. अब फैक्ट्री रीसेट करें। Android में "Erase all data (factory reset)" और iPhone में "Erase All Content and Settings" चुनें। यह कदम बैकअप और लॉगआउट के बाद ही आता है, पहले नहीं।
6. SIM और मेमोरी कार्ड निकाल लें। माइक्रोएसडी कार्ड पर अक्सर फोटो और डाउनलोड पड़े रहते हैं, और सिम पर कुछ कॉन्टैक्ट्स। दोनों फोन में छोड़कर न बेचें।
7. आख़िर में पुष्टि करें कि डिवाइस आपके अकाउंट से हट गया है। Google के "Find My Device" या Apple की डिवाइस सूची में जाकर देख लें कि पुराना फोन अब वहां नहीं दिख रहा। यह आख़िरी जांच यह सुनिश्चित करती है कि बेचने के बाद कोई कड़ी आपसे जुड़ी न रह जाए।
इन सात कदमों का असली मक़सद डर नहीं, बल्कि एक साफ़ सूत्र है — बैकअप लो, लॉग आउट करो, एन्क्रिप्ट करो, फिर मिटाओ। यही क्रम बैंक फ्रॉड, अकाउंट हैकिंग और पहचान चोरी की गुंजाइश को सबसे कम कर देता है।