जन्माष्टमी पर घर बैठे बनाएं मथुरा जैसे पेड़े, कान्हा को लगाएं भोग
जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण को मथुरा के स्वादिष्ट पेड़े का भोग लगाएं। आसान रेसिपी से घर बैठे तैयार करें असली मथुरा जैसा दानेदार और खुशबूदार पेड़ा।
मथुरा-वृंदावन का नाम आते ही दिमाग में सबसे पहले पेड़ों की तस्वीर उभरती है। भगवान श्रीकृष्ण को भोग लगाने में पेड़े का विशेष स्थान है। जन्माष्टमी के दिन मंदिरों में भारी भीड़ के कारण वहां जाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में घर बैठे ही मथुरा जैसा स्वादिष्ट पेड़ा बनाकर कान्हा को भोग लगाना बेहतर विकल्प है। सही रेसिपी और थोड़ी मेहनत से आप बिल्कुल हलवाई जैसा दानेदार और खुशबूदार पेड़ा घर पर ही तैयार कर सकते हैं।
मथुरा पेड़े की खासियत और इतिहास
मथुरा के पेड़े अपनी दानेदार बनावट, हल्के भूरे रंग और इलायची की सुगंध के लिए प्रसिद्ध हैं। कहा जाता है कि एक बार यशोदा मैया दूध उबालने के लिए रखकर भूल गईं। दूध गाढ़ा होकर मावा बन गया। उन्होंने उसमें चीनी मिलाई और पेड़े का आकार देकर कान्हा को खिलाया। कृष्ण को यह स्वाद इतना पसंद आया कि तभी से पेड़े उनका प्रिय भोग बन गए। आज भी जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन के मंदिरों में सैकड़ों किलो पेड़े भोग के रूप में चढ़ाए जाते हैं।
घर पर मथुरा स्टाइल पेड़ा बनाने की आसान रेसिपी
मावा की जरूरत नहीं पड़ती। मिल्क पाउडर से भी असली स्वाद आ जाता है। सामग्री साधारण है और समय भी कम लगता है।