बिना गारंटी के अब ₹20 लाख तक मिलेगा एजुकेशन लोन, छात्रों को बड़ी राहत की उम्मीद
सरकार बिना गारंटी वाले एजुकेशन लोन की सीमा 7.5 लाख से बढ़ाकर 20 लाख करने पर विचार कर रही है। इससे लाखों छात्रों को बिना सिक्योरिटी के उच्च शिक्षा के लिए आसान फाइनेंस मिल सकेगा। जानिए नई योजना के फायदे और प्रभाव।
उच्च शिक्षा प्राप्त करने का सपना देख रहे लाखों छात्रों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार बिना किसी गारंटी या सिक्योरिटी के एजुकेशन लोन की मौजूदा सीमा को बढ़ाने की तैयारी कर रही है। फिलहाल 7.5 लाख रुपये तक के लोन पर क्रेडिट गारंटी उपलब्ध है, लेकिन इसे 20 लाख रुपये तक करने का प्रस्ताव चल रहा है। इससे बैंक ज्यादा राशि बिना जोखिम के दे सकेंगे और छात्रों को पढ़ाई के लिए आर्थिक तंगी नहीं झेलनी पड़ेगी।
मौजूदा व्यवस्था और प्रस्तावित बदलाव
वर्तमान में 'क्रेडिट गारंटी फंड स्कीम फॉर एजुकेशन लोन्स' (CGFSEL) के तहत 7.5 लाख रुपये तक के लोन पर 75 प्रतिशत राशि की गारंटी सरकार देती है। इससे बैंक बिना किसी अतिरिक्त सुरक्षा के लोन मंजूर कर पाते हैं। वित्त और शिक्षा मंत्रालय के बीच इस सीमा को बढ़ाने को लेकर चर्चा चल रही है। संसदीय समिति ने पहले ही 20 लाख रुपये की सीमा का सुझाव दिया था।
एक सरकारी अधिकारी के अनुसार, शुरुआती बातचीत हो चुकी है। मंत्रालयों के बीच अंतिम सहमति बनने के बाद ही फैसला लिया जाएगा। यह बदलाव बैंकिंग क्षेत्र को शिक्षा क्षेत्र में अधिक निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। साथ ही, को-एप्लीकेंट की जरूरत खत्म करने और NAAC जैसी मान्यता प्राप्त संस्थानों में मेरिट आधारित एडमिशन लेने वाले सभी छात्रों को लोन उपलब्ध कराने जैसे अन्य प्रस्ताव भी विचाराधीन हैं।